Friday, June 13, 2014
Friday, May 23, 2014
Thursday, April 10, 2014
Sunday, April 6, 2014
Saturday, March 29, 2014
Wednesday, March 12, 2014
न इस तरह भी ख़यालो में कोई बस जाए...
मैं अपने आप को सोचूँ,किसीकी याद आए
तमाम रात रहा नींद का सफर जारी
सजे रहे किसी आँचल के मेहरबाँ साए
तुम्हारे पास पहुँचकर कुछ ऐसा लगा
सफ़र से जैसे मुसाफिर वतन में आ जाए
वो चंद पल जो बचा लाए थे हम अपने लिए
सितम तो ये है के वो भी न हमको रास आए
हमारी जीत अलग है,हमारी हार अलग
ज़मानेवालो को ये बात कौन समझाए
Singer-गाथा जाधव
तमाम रात रहा नींद का सफर जारी
सजे रहे किसी आँचल के मेहरबाँ साए
तुम्हारे पास पहुँचकर कुछ ऐसा लगा
सफ़र से जैसे मुसाफिर वतन में आ जाए
वो चंद पल जो बचा लाए थे हम अपने लिए
सितम तो ये है के वो भी न हमको रास आए
हमारी जीत अलग है,हमारी हार अलग
ज़मानेवालो को ये बात कौन समझाए
Singer-गाथा जाधव
Shayar-बशर नवाज़
Composer-सुधाकर कदम
Composer-सुधाकर कदम
Sunday, February 9, 2014
तुझ्यासाठीच मी...लवकरच रसिकांच्या सेवेत सादर होणार.
नुसत्याच तुझ्या हसण्याने जगण्याचे दुःख वितळले
एकाच तुझ्या स्पर्शाने आभाळ मनाचे भरले...
गायिका-वैशाली माडे
कवी-दिलीप पांढरपट्टे
संगीत-सुधाश्कर कदम
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