दोस्तो,
अभी अभी एक उर्दू ग़ज़ल कंपोज की है। इस ग़ज़लको अलग ढंग से सजाने की कोशिश मैने की है।contrast Chorus,और rhythm के लिए पर्कशन इंस्ट्रूमेंट्स (Percussion instruments) का प्रयोग इस में किया है।
साथ में संतूर, गिटार,बेस गिटार,चायनीज ब्लॉक्स और तबले के कुछ बिट्स डाले।हमारे म्युझिक अरेंजर ने छह बार म्युझिक अरेंज किया।सातवी बार कुछ बात बनी। यह कंपोजिशन कुछ अलग ढंग से बनी ईसलीए मुझे बहुत पसंद है। इसका मतला फेसबुक पर पोस्ट किया था,तो बहुत सारे लोगों ने इसे पसंद किया। ग़ज़ल प्रेमीयों ने जल्दी पुरी ग़ज़ल पोस्ट करने की गुज़ारिश फोन पर की। आज इसे पोस्ट कर रहा हूँ।आप भी सुनीए और बताईए, यह प्रयोग आपको कैसा लगा !
गुलुकारा - प्राजक्ता सावरकर शिंदे
शायर - सहदेव रामटेके
मोसिकार - 'शान-ए-ग़ज़ल' सुधाकर कदम
संगीत संयोजन - मिलिंद गुणे
रेकॉर्डिंग,मिक्सिंग,मास्टरिंग - पंचम स्टुडिओ,पूना
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