पद्मश्री सुरेश वाडकरजी की पुत्री अनन्या वाडकर की आवाज़ में,पुणे के मशहूर शायर मरहूम हनीफ़ साग़रजी की एक उर्दू ग़ज़ल अभी अभी रेकॉर्ड की है।.मिक्सिंग,मास्टरिंग के पहले एक शेर आपकी खिदमत में पेश है....
चंद सांसें गुज़ारने के लिए
कितने अरमान ख़्वाहिशें कितनी
मेरी दुनिया में गर्दिशें कितनी
ज़िंदगी एक रंजिशें कितनी



